सरकारी वेबसाइटों के लिए नया नियम: डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (डीबीआईएम) क्या है?

परिचय:

डिजिटल युग में सरकारी वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) ने डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (डीबीआईएम) पेश किया है। इसका उद्देश्य सरकारी डिजिटल पहचान को एकीकृत, प्रभावशाली और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है।

डीबीआईएम सरकारी वेबसाइटों, मोबाइल एप्लिकेशन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगो, रंग संयोजन, टाइपोग्राफी, मैसेजिंग फ्रेमवर्क और ब्रांड वॉयस जैसी विशेषताओं को मानकीकृत करता है। इससे सरकारी सेवाओं की डिजिटल उपस्थिति अधिक पेशेवर, विश्वसनीय और नागरिकों के लिए सहज बनती है।
यह पहल Gov.In डिजिटल फुटप्रिंट के तहत सभी सरकारी मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों की डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने के लिए बनाई गई है, जिससे सेवा वितरण और नागरिक जुड़ाव को बेहतर बनाया जा सके।


डीबीआईएम के प्रमुख तत्त्व:

✔ एकरूप डिज़ाइन: सरकारी वेबसाइटों पर एक जैसा लोगो, रंग पैलेट और टाइपोग्राफी।
✔ ब्रांड वॉयस: सरकारी प्लेटफॉर्म पर संदेशों की एक समान शैली।
✔ मानकीकृत कंटेंट: सभी सरकारी वेबसाइटों और एप्लिकेशन के लिए एक जैसे डिजाइन और कंटेंट प्रबंधन प्रणाली।
✔ सोशल मीडिया एकीकरण: सरकारी डिजिटल पहचान को मजबूत बनाने के लिए सोशल मीडिया पर एकरूपता।

डीबीआईएम का उद्देश्य:

➡ सरकारी वेबसाइटों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को यूज़र-फ्रेंडली बनाना।
➡ नागरिकों को बेहतर अनुभव और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करना।
➡ सरकारी डिजिटल उपस्थिति को एकीकृत और प्रभावशाली बनाना।

यह पहल Gov.In डिजिटल फुटप्रिंट के तहत मानकीकृत और निर्बाध डिजिटल उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए लाई गई है।

DIPANKARSHIL PRIYADARSHI

Dipankarshil Priyadarshi Law Student | Legal Writer Hi! I'm Dipankarshil Priyadarshi, a BA-LLB student from Lucknow University. I am passionate about law, legal writing, and sharing useful legal knowledge. Through this blog, I share simple and informative content about law, legal concepts, case laws, and topics that can help law students understand the legal field in an easy way.

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