सतत जल प्रबंधन व्यक्तियों और समुदायों के लिये स्वास्थ्य, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, शिक्षा, बेहतर जीवन स्तर, रोजगार, आर्थिक विकास और विभिन्न प्रकार की पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं सहित कई लाभ उत्पन्न करता है।
थीम : शांति के लिये जल (Water for Peace)
• हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है।
• इस वर्ष यह दिवस समृद्धि और शांति के लिये जल पर केंद्रित है।
इस दिवस को मनाने के उद्देश्य हैं
• पानी के महत्त्व को उजागर करने के लिये
• सभी के लिये सुरक्षित पानी तक पहुंच को बढ़ावा देने हेतु
सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 6 अर्थात् 2030 तक सभी के लिये पानी और स्वच्छता की उपलब्धि का समर्थन करना तथा वैश्विक जल संकट से निपटने के लिये कार्रवाई करना है।
विश्व जल दिवस 2024 के मुख्य संदेश
• जल शांति का साधन हो सकता है।
• समृद्धि और शांति जल पर निर्भर है।
• जल हमें संकट से बाहर निकाल सकता है।
विश्व जल दिवस का इतिहास
•इस दिवस का विचार वर्ष 1992 से चला आ रहा है। इस वर्ष रियो डी जनेरियो में पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन हुआ था।
•वर्ष 1992 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव अपनाया था जिसमें प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस घोषित किया गया था।
भारत में जल की कमी के कारण
•तेजी से बढ़ता शहरीकरण और औद्योगीकरण
•अकुशल कृषि पद्धतियों के कारण अत्यधिक भूजल का दोहन
• वर्षा का अनियमित पैटर्न
•खराब जल प्रबंधन
• उचित बुनियादी ढांचे की कमी
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