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An Interesting Hindi Satire That Perfectly Describes Society

 


Introduction 

Satire is a powerful way to reveal the truth of society. Sometimes a few lines of satire can express what long speeches cannot. The following Hindi satire reflects many realities and contradictions of our society in a humorous yet thought-provoking way.

Satire 

एक व्यंग्य है, जिसने भी लिखा है, बहुत शानदार लिखा है —

• यह नदियों का मुल्क है, पानी भी भरपूर है।

लेकिन बोतल में बिकता है, बीस रुपये शुल्क है।

• यह गरीबों का मुल्क है, जनसंख्या भी भरपूर है।

परिवार नियोजन मानते नहीं, जबकि नसबंदी नि:शुल्क है।

• यह अजीब मुल्क है, निर्दोषों पर हर शुल्क है।

अगर आप हैं बाहुबली, हर सुविधा नि:शुल्क है।

• यह अपना ही मुल्क है, कह कुछ सकते नहीं।

कह कुछ सकते नहीं, जबकि बोलना नि:शुल्क है।

• यह शादियों का मुल्क है, दान-दहेज भी खूब है।

शादी करने को पैसा नहीं, जबकि कोर्ट मैरिज नि:शुल्क है।

• यह पर्यटन का मुल्क है, बस-रेलें भी खूब हैं।

बिना टिकट पकड़े गए तो रोटी-कपड़ा नि:शुल्क है।

• यह अजीब मुल्क है, हर जरूरत पर शुल्क है।

दंड कर देते हैं लोग, पर सलाह नि:शुल्क है।

• यह आवाम का मुल्क है, रहकर चुनने का हक है।

वोट देने जाते नहीं, जबकि मतदान नि:शुल्क है।

• बेचारा आदमी —

जब सर के बाल न आए तो दवाई ढूंढता है,

जब आ जाते हैं तो नाई ढूंढता है,

और जब काले रहते हैं तो लुगाई ढूंढता है,

जब सफेद हो जाते हैं तो फिर डाई ढूंढता है।

• मुस्कुराइये — यह नि:शुल्क है।

Conclusion 

This short satire reminds us that sometimes we ignore simple truths of life and society. Through humor and irony, it encourages readers to think about social realities.


Labels 

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Indian Society

Hindi Literature

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